कालिम्पोंग (पश्चिम बंगाल) में नवदशकोत्सव महासेवा अभियान के अंतर्गत ‘आध्यात्मिकता और राजयोग द्वारा सुखी एवं शांतिमय समाज’ विषय पर भव्य कार्यक्रम आयोजित
कालिम्पोंग (पश्चिम बंगाल), 28 मई 2026: नवदशकोत्सव महासेवा अभियान के अंतर्गत ‘आध्यात्मिक जागृति द्वारा विश्व नवीकरण’ विषय पर समाज सेवा प्रभाग, ब्रह्माकुमारीज, कालिम्पोंग द्वारा रामकृष्ण रंगमंच (टाउन हॉल), कालिम्पोंग में ‘आध्यात्मिकता और राजयोग द्वारा सुखी एवं शांतिमय समाज’ विषय पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संबोधन, राजयोग अनुभूति, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, 33 समाजसेवी संगठनों का सम्मान तथा संकल्प समारोह आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ ब्रह्माकुमारीज कालिम्पोंग की प्रभारी बी.के. अलका दीदी द्वारा सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनसमुदाय के स्वागत के साथ हुआ। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मुंबई से पधारे ब्रह्माकुमार ई.वी. गिरिश भाईजी थे। उन्होंने अत्यंत रोचक एवं प्रेरणादायी शैली में प्रसन्न रहने के उपाय बताते हुए आत्म-अभिमानी स्थिति में रहने पर बल दिया। उन्होंने क्रोध पर विजय प्राप्त करने तथा प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान देने का संदेश दिया।
बी.के. बीरेंद्र भाईजी, हेडक्वार्टर को-ऑर्डिनेटर, समाज सेवा प्रभाग ने प्रभाग की विभिन्न सेवाओं एवं गतिविधियों की जानकारी दी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मश्री प्रो. डॉ. गंभीर सिंह योंजन थे, जिन्हें 25 मई 2026 को साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में पद्मश्री सम्मान प्राप्त हुआ है। सम्माननीय अतिथि के रूप में श्री भरत छेत्री (विधायक) उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त कालिम्पोंग बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री प्रभाकर देवान, भाजपा के उपाध्यक्ष श्री शुभ प्रधान, नगरपालिका पार्षद श्री पाल्देन तामांग तथा अवकाशप्राप्त बी.टी. कॉलेज के प्राचार्य श्री मणिन्द्र भुजेल भी कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।
अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. गंभीर सिंह योंजन ने ब्रह्माकुमार ई.वी. गिरिश भाईजी के व्याख्यान की सराहना करते हुए प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के स्थापना उद्देश्य का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज के समाज में धन, संपत्ति, पद और भौतिक उपलब्धियां प्राप्त करने के बावजूद लोग सुखी एवं संतुष्ट नहीं हैं। वर्तमान विकृत एवं अशांत समाज की समस्याओं के समाधान तथा सुखी एवं संतुष्ट जीवन के लिए आध्यात्मिकता अत्यंत आवश्यक है, और यही महत्वपूर्ण कार्य ब्रह्माकुमारीज द्वारा किया जा रहा है।
गंगटोक, सिक्किम से पधारी ब्रह्माकुमारी सोनम दीदी, प्रभारी, ब्रह्माकुमारीज सिक्किम ने आत्मा और परमात्मा का परिचय देते हुए सभी को राजयोग का गहन अनुभव कराया।
कार्यक्रम में बच्चों द्वारा आकर्षक नृत्य एवं एक प्रेरणादायी नाटक की प्रस्तुति भी दी गई। कार्यक्रम के समापन पर 33 समाजसेवी संगठनों को स्मृति-चिह्न, खादा, स्लोगन फ्रेम एवं टोली प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर लगभग 600 लोगों ने उपस्थित होकर कार्यक्रम का लाभ प्राप्त किया।
