चंडीगढ़ में “संगम – गौरवपूर्ण वृद्धावस्था एवं सम्मानित जीवन” कार्यक्रम का सफल आयोजन
चंडीगढ़ के सेक्टर 27-बी स्थित ब्रह्मा कुमारीज के ग्लोबल डिवाइन लाइट हाउस में वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, प्रेरणा एवं स्वास्थ्य जागरूकता को समर्पित “संगम – गौरवपूर्ण वृद्धावस्था एवं सम्मानित जीवन” कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
इस विशेष कार्यक्रम के अंतर्गत ‘रियलाइजेशन होलिस्टिक वेल-बीइंग’ विषय पर एक प्रेरणादायक कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें अनुभवी वरिष्ठ नागरिकों ने अपने जीवन के अमूल्य अनुभव साझा किए। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित एवं सार्थक जीवन जीने के लिए प्रेरित करना तथा समाज में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करना था। इस अवसर पर चंडीगढ़ के लगभग 250 वरिष्ठ नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कार्यक्रम का आनंद लिया।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ नागरिकों के लिए निःशुल्क होम्योपैथी स्वास्थ्य जांच एवं दवाइयों की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई, जिससे सभी ने स्वास्थ्य संबंधी परामर्श प्राप्त कर लाभ उठाया।
इस अवसर पर श्री नरेंद्र पाल शर्मा (सीजेएम, पंजाब इन्फोटेक बोर्ड), श्री विकास भंगयाड (डायरेक्टर, भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड), श्री आर. के. गर्ग (प्रेसिडेंट, सीनियर सिटीजन एसोसिएशन, सेक्टर 27) तथा रिटायर्ड ब्रिगेडियर श्री हर्षवीर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सभी अतिथियों का अंगवस्त्र एवं मालाएं पहनाकर ससम्मान स्वागत किया गया।
यह कार्यक्रम ब्रह्मा कुमारीज द्वारा संचालित “संगम प्रोजेक्ट” के अंतर्गत आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता बीके डॉ. प्रमोद जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि अच्छी भावनाएं ही अच्छे कर्मों का आधार होती हैं। अच्छे कर्मों से अच्छी आदतों का निर्माण होता है, जो आगे चलकर सकारात्मक व्यवहार और एक सशक्त समाज एवं राष्ट्र की नींव बनते हैं। उन्होंने सभी को अपनी भावनाओं को सकारात्मक एवं श्रेष्ठ बनाने का संदेश दिया।
यह संपूर्ण आयोजन सेक्टर 27 सेवा केंद्र की प्रभारी बीके पूनम जी के निर्देशन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों ने इस पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में बुजुर्गों को सम्मान, आत्मविश्वास एवं सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा प्रदान करते हैं।
यह कार्यक्रम समाज में वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान, सेवा और आध्यात्मिक उत्थान का एक प्रेरणादायी उदाहरण सिद्ध हुआ।
